अध्याय 122 असली मालकिन कोई और है

"तुम क्या कह रही हो?"

एलारा का चेहरा ग़ुस्से से तमतमाकर एक पल को जड़ हो गया, मगर उसकी आँखों की क्रूरता ज़रा भी कम नहीं हुई। वह मिरांडा को ऐसे घूर रही थी, मानो नज़रों से ही उसमें छेद कर देगी।

"वही जो मैंने कहा।"

मिरांडा ने एलारा के हाथ में पकड़ी सिकुड़ी-सी रसीद की ओर इशारा किया।

"अभी तुमने जो कहा...

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